Vasuki Tal RudraPrayag Uttarakhand
जुलाई -अगस्त माह में यह स्थान खिल उठता है हिमालयी फूलों के राजा ब्रह्मकमल के दिव्य फूलों से।
Vasuki Tal RudraPrayag Uttarakhand : उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग जिले में प्रसिद्ध व पवित्र केदारनाथ धाम से लगभग 8 किलोमीटर दूर ब्रह्मकमल की भूमि में स्थित है एक बेहद खूबसूरत हिमनदी झील बासुकीताल । समुंद्रतल से लगभग 4,135 मीटर यानि 13,599 फिट की ऊँचाई पर स्थित इस ताल का नाता नागराज बासुकी से जोड़ा जाता है। ऐसा माना जाता है कि बेहद हाई-एल्टीटूयूड में स्थित इस झील में श्रावण मास की पूर्णिमा को मणिधारी नागराज बासुकी के साक्षात दर्शन होते हैं। जुलाई -अगस्त माह में यह स्थान उत्तराखंड के राज्य पुष्प ब्रह्मकमल के फूलों से खिल उठता है क्योंकि उस समय यहाँ प्रचुर मात्रा में ब्रह्म कमल के फूल खिलते हैं जिन्हें श्रद्धालु श्रावण मास में भगवान केदारनाथजी को अर्पित करते हैं। केदारनाथधाम के पुजारी भी नंगे पैर इस ताल तक पहुँचते हैं और फिर यहाँ से ब्रह्मकमल ले जाकर केदारनाथजी को अर्पित करते हैं। हालाँकि पवित्र केदारनाथ धाम से बासुकीताल लगभग 8 किलोमीटर दूर स्थित है लेकिन यहाँ पहुँचने का रास्ता बेहद कठिन , चुनौतीपूर्ण , संकीर्ण व उबड़ -खाबड़ है। लेकिन यहाँ से चौखम्बा सहित कई और पर्वत शिखरों का भव्य नजारा दिखाई देता है। ताल की परिधि लगभग 700 मीटर बताई जाती है। प्रसिद्ध सोनगंगा नदी का उद्गम स्थल यही हिमनदी झील है। यही सोनगंगा नदी आगे जाकर सोनप्रयाग में मंदाकिनी नदी से मिल जाती है।
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क्या करें ?
बासुकीताल तक पहुँचने का रास्ता बेहद कठिन , चुनौतीपूर्ण , संकीर्ण व उबड़ -खाबड़ है। मगर यहां से चौखम्बा पर्वत शृंखला के साथ अन्य हिमाच्छिदित पर्वत शृंखलायें और मंदाकिनी घाटी साफ दिखाई देती है। चौखम्बा पर्वत में सूर्योदय का भव्य नजारा देखने लायक होता है। सुंदर बुग्यालों , ब्रह्मकमल के फूलों , पर्वतारोहण , ट्रैकिंग और कैंपिंग का मजा लीजिए। खूब फोटोग्राफी कीजिए । इसके अलावा भी रूद्रप्रयाग शहर के आस -पास कई धूमने लायक सुंदर जगहें है जैसे माँ धारीदेवी मंदिर , केदारनाथ , आदि-बद्री , बासुकीताल , अगस्तमुनि मंदिर , खूबसूरत चोपता आदि जहाँ आप जा सकते हैं। यहाँ आने से पहले अपना Hotel Book अवश्य कर लीजिए।
बासुकीताल आने का सही समय (Best Time To Visit In Vasuki Tal)
सर्दियों में बर्फवारी के कारण यहाँ जाना मुमकिन नही है। इसीलिए आप यहाँ गर्मियों (मई से अक्टूबर के बीच) में आ सकते हैं। खासकर श्रावण मास में यह जगह देखने लायक होती है क्योंकि उस समय यहाँ प्रचुर मात्रा में ब्रह्म कमल के फूल खिलते हैं। अगर आप रूद्रप्रयाग में एक – दो दिन रुकना चाहते हैं तो आने से पहले कोई Hotel Book अवश्य कर लीजिए।
ध्यान रखने योग्य बातें।
ताल के आस -पास ठहरने की कोई सुविधा नही है लेकिन केदार मंदिर में या उसके आस – पास आपको सभी सुविधाएँ मिल जायेंगी। सर्दियों में यहाँ जाना कठिन है। इसीलिए वासुकी ताल जाने से पहले उस रूट की पूरी जानकारी अवश्य ले लीजिए। ट्रैकिंग करते वक्त वन्य जीवों से सावधान रहें। अगर आप यहाँ ट्रैकिंग करना चाहते हैं तो पूरी तैयारी के साथ आइये। अगर आप यहां पर्वतारोहण , ट्रैकिंग या कैंपिंग करना चाहते हैं तो भी इसके बारे में पहले जानकारी अवश्य लें । किसी स्थानीय अनुभवी गाइड से अवश्य सलाह लें। वासुकी ताल तक पैदल चलने हेतु अच्छी क्वालिटी का जूता अवश्य पहनें। अगर आप रूद्रप्रयाग में एक – दो दिन रुकना चाहते हैं तो आने से पहले कोई Hotel Book अवश्य कर लीजिए।
