Garjiya Devi Temple Ramnagar Nainital Uttarakhand
गिरिराज हिमालय की पुत्री तथा भगवान भोलेनाथ की अर्द्धागिनी हैं माँ गर्जिया देवी


Garjiya Devi Temple Ramnagar Nainital Uttarakhand : उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर शहर से लगभग 13 किलोमीटर दूर स्थित है माँ गर्जिया देवी का अद्भुत मन्दिर। यह मंदिर उत्तराखण्ड के प्रसिद्ध मन्दिरों में से एक है। शक्ति स्वरूपा माँ गर्जिया (गिरिजा) गिरिराज हिमालय की पुत्री तथा भगवान भोलेनाथ की अर्द्धागिनी हैं। यह मन्दिर एक छोटी-सी पहाड़ी (टीलेनुमा पहाड़ी) के शिखर पर बना हुआ है जो कोसी नदी के मध्य में स्थित है। यह बड़ा ही अद्भुत है क्योंकि यह पहाड़ी कोसी नदी के बीचो -बीच स्थित है और यहाँ पर कोसी नदी दो भागों में बँट जाती है जो थोड़ी ही दूरी पर फिर एक हो जाती है। मंदिर नदी के बीच में होने के कारण यहाँ पुल के द्वारा पहुँचा जाता है लेकिन बरसात (जुलाई/अगस्त) में भारी बारिश के चलते नदी का जल स्तर बढ़ जाता है जिस कारण मंदिर को जाने वाला पुल बंद कर दिया जाता है। मंदिर में गर्जिया माता की 4.5 फिट ऊंची मूर्ति स्थापित है। इसके अलावा यहाँ माँ सरस्वती , गणेश जी तथा बटुक भैरव की संगमरमर की मूर्तियां भी माँ की मूर्ति के साथ स्थापित हैं।
कार्तिक पूर्णिमा को होती है माँ गिरिजा की विशेष पूजा अर्चना ।
मंदिर में माँ बेहद सौम्य व ममतामई रूप में विराजमान हैं। माँ गर्जिया बेहद दयालु है जो सच्ची श्रद्धा से ही प्रसन्न हो जाती हैं। वैसे यहाँ सालभर पूजा – अर्चना होती है मगर कार्तिक पूर्णिमा को गंगा स्नान के पावन पर्व पर माँ गर्जिया के दर्शन करने तथा पवित्र कोसी नदी में स्नान करने का पुण्य प्राप्त करने के लिए यहाँ बड़ी संख्या में भक्त आते हैं । इसके अतिरिक्त गंगा दशहरा , नवरात्रि , शिवरात्रि , उत्तरायणी , बसंत पंचमी आदि में भी भक्तजन माता के दर्शन करने यहाँ पहुँचते है। मन्दिर में मां गर्जिया को जटा नारियल , लाल वस्त्र , सिन्दूर , धूप , दीप आदि चढ़ाया जाता है। कई लोग यहाँ मन्नत भी मांगते हैं। मनोकामना पूर्ण होने पर भक्त घण्टी या छत्र चढ़ाते हैं। नवविवाहित स्त्रियां माँ से अपने अटल सुहाग का आशीर्वाद माँगती हैं। निःसंतान दंपत्ति संतान प्राप्ति के लिये माता की वंदना करते हैं। यह मंदिर भक्तों के लिए आस्था का केंद्र है। मंदिर में भक्तों की लंबी कतार देखने को मिलती है जो गर्जिया मां के प्रति लोगों की असीम श्रद्धा व आस्था का प्रतीक है।
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भैरव बाबा भी यहाँ विराजमान हैं।
माँ गर्जिया की पूजा – अर्चना करने के बाद बाबा भैरव के दर्शन करना भी आवश्यक माना जाता है। बाबा को चावल और मास (उड़द) की दाल यानि खिचड़ी चढ़ाई जाती है। माना जाता है कि भैरव की पूजा के बाद ही मां गर्जिया की पूजा का सम्पूर्ण फल प्राप्त होता है।
क्या करें ?
गर्जिया देवी मंदिर का पवित्र व शांत वातावरण अपने -आप में सुकून व शांति तो प्रदान करता ही है मगर उसके आस -पास का प्राकृतिक सौंदर्य उसमें चार -चाँद लगा देता है। माँ के दर्शन कीजिए व उनका आशीर्वाद प्राप्त कीजिए। नदी में स्नान व ठंडी हवा का मजा लीजिए। आस – पास के पहाड़ी क्षेत्रों में ट्रैकिंग कीजिए। वैसे यहाँ से रामनगर और कार्बेट पार्क बहुत नजदीक है जहाँ आप जा सकते हैं। खूब फोटोग्राफी कीजिए और ठंडी ताजी हवा का मजा लीजिए।
गर्जिया देवी मंदिर आने का सही समय (Best Time To Visit In Garjiya Devi Temple)
गर्जिया देवी मंदिर काफी प्राचीन है जो धार्मिक व आध्यात्मिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। गर्जिया देवी मंदिर जाने का सही समय मार्च से लेकर जून तक और अक्टूबर से लेकर दिसंबर तक है। दिवाली व दशहरे के आसपास और गर्मियों की छुट्टियों के वक्त गर्जिया देवी मंदिर का मौसम बहुत सुहाना रहता है । बरसात (जुलाई – अगस्त) को छोड़कर आप यहाँ कभी भी आ सकते हैं। अगर आप हल्द्वानी या रामनगर में एक – दो दिन रुकना चाहते हैं तो आने से पहले कोई Hotel Book कर लीजिए।
ध्यान में रखने योग्य बातें
गर्जिया देवी मंदिर बहुत ही प्राचीन मंदिर व पवित्र स्थल है। इसीलिए मंदिर परिसर में मंदिर के नियमों का पालन कीजिए। जूते -चप्पल निर्धारित जगह पर रखें। मंदिर परिसर में शान्ति बनाएं रखें। मंदिर तक पहुँचने के लिए थोड़ा पैदल भी चलना पड़ेगा। इसीलिए अच्छी क्वालिटी का जूता पहनें।
कैसे पहुँचें गर्जिया देवी मंदिर ( How To Reach Garjiya Devi Temple)
कितने दिन के लिए आए (Suggested Duration)
गर्जिया देवी मंदिर अपने आप में बहुत ही सुन्दर जगह है । इसके अलावा भी शहर के आस -पास कई धूमने लायक सुंदर जगहें है । जैसे रामनगर , कार्बेट पार्क , नैनीताल , भीमताल , भुजियाघाट , भवाली आदि जहाँ आप जा सकते हैं। इसीलिए यहाँ आप अपने हिसाब से अपना समय बिता सकते हैं।
क्यों आयें माता गर्जिया देवी मंदिर
मौसम (Weather)
नदी व प्रकृति के बीचो- बीच स्थित होने के कारण गर्जिया देवी मंदिर का मौसम गर्मियों में भी सुहाना रहता है। आप यहां मार्च से लेकर जून तक और सितंबर से लेकर दिसंबर तक (बरसात को छोड़कर) कभी भी आ सकते हैं। अगर आप यहाँ एक – दो दिन रुकना चाहते हैं तो आने से पहले कोई Hotel Book कर लीजिए । फोटोग्राफी के लिए एक अच्छा सा कैमरा अपने साथ अवश्य रखें । ट्रैकिंग के शौक़ीन अपने साथ एक अच्छी क्वालिटी का जूता या स्पोर्ट शू अवश्य रखें।