Top 15 Tourist Places To Visit In RudraPrayag Uttarakhand
रुद्रप्रयाग की इन 15 शानदार जगहों में कम बजट में भी खूब मौज – मस्ती कीजिए।
Places To Visit In RudraPrayag Uttarakhand : उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग जिले में स्थित है प्राकृतिक रूप से बेहद खूबसूरत एक शहर रूद्रप्रयाग और इस रूद्रप्रयाग शहर की पहचान है यहाँ स्थित अलकनंदा व मन्दाकिनी नदी का पवित्र संगम स्थल। हिमालय की गोद में बसा यह शहर एक पवित्र हिंदू तीर्थ स्थल और रूद्रप्रयाग जिले का मुख्यालय भी है। समुंद्रतल से लगभग 900 मीटर की ऊँचाई पर स्थित रूद्रप्रयाग पंच प्रयागों में से एक माना जाता है। इस शहर की अहमियत चारधाम जाने वाले यात्रियों के लिए बहुत अधिक है क्योंकि बद्रीनाथ व केदारनाथ धाम जाने वाला मार्ग इसी शहर से होकर गुजरता है। भगवान भोलेनाथ का एक रूप रूद्र भी है। पवित्र संगम स्थल के पास ही एक पवित्र गुफा के अंदर भोलेबाबा रूद्र रूप में विराजमान है जिस वजह से इसका नाम रूद्रप्रयाग पड़ा। पूरा रूद्रप्रयाग जिला सांस्कृतिक , धार्मिक व आध्यात्मिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। रूद्रप्रयाग को प्रकृति ने अनेकों – अनेक सुंदर प्राकृतिक उपहारों से सजाया – सँवारा है। प्राचीन कोटेश्वर महादेव मंदिर , पवित्र संगम स्थल , माँ धारीदेवी मंदिर , केदारनाथ , आदि-बद्री , देवरिया ताल , बासुकीताल , तुंगनाथ मंदिर , अगस्तमुनि मंदिर , त्रियुगी नारायण मंदिर , खूबसूरत चोपता , ऊंचे – ऊंचे बर्फ से ढके पहाड आदि रूद्रप्रयाग जिले की पहचान हैं। यूं तो रूद्रप्रयाग में देखने लायक अनेक जगहें हैं जहाँ आप जा सकते हैं। लेकिन अगर आप रूद्रप्रयाग घूमने का प्लान बना रहे हैं तो ये 15 जगहें आपको अवश्य देखनी चाहिए।
Top 15 Tourist Places To Visit In RudraPrayag Uttarakhand
यह नगरी भगवान रूद्र (शिव) की है।
रूद्रप्रयाग जिला 1997 में बना था। रूद्रप्रयाग अलकनंदा व मन्दाकिनी नदी के संगम में बसा है और यही अलकनंदा नदी यहाँ से आगे चलकर देवप्रयाग में भागीरथी नदी से मिल जाती है। अलकनंदा नदी और भागीरथी नदी के मिलन के बाद ही इसे गंगा (नदी) कहा जाता है। पवित्र संगम स्थल , माँ जगदम्बा मंदिर और प्राचीन कोटेश्वर महादेव मंदिर इस शहर की पहचान हैं। माना जाता है कि नारद मुनि ने इसी स्थान पर अपने ईष्ट व गुरु , भगवान शिव के रूद्र रूप के दर्शन कर उनसे संगीत की शिक्षा ग्रहण की थी। भगवान शिव ने नारदजी को आशीर्वाद स्वरूप एक वीणा भी भेंट की । हिमालयी क्षेत्र में बसा यह नगर अपने प्राचीन मंदिरों व पवित्र धार्मिक यात्राओं के अहम पड़ाव लिए जाना जाता है।
क्या करें ?
कल -कल बहती अलकनंदा व मन्दाकिनी नदियों को देखिये। संगम स्थल व कोटेश्वर महादेव के दर्शन कीजिए। रूद्रप्रयाग शहर व उसके आस -पास के प्राकृतिक सौंदर्य का मजा लीजिए। पर्वतारोहण , ट्रैकिंग , कैंपिंग , राफ़्टिंग व पैराग्लाइडिंग का मजा लीजिए। खूब फोटोग्राफी कीजिए । इसके अलावा भी रूद्रप्रयाग शहर के आस -पास कई धूमने लायक सुंदर जगहें है जैसे माँ धारीदेवी मंदिर , केदारनाथ , आदि-बद्री , बासुकीताल , तुंगनाथ मंदिर , अगस्तमुनि मंदिर , खूबसूरत चोपता आदि जहाँ आप जा सकते हैं। इसीलिए आप यहाँ अपने हिसाब से अपना समय बिता सकते हैं।
रूद्रप्रयाग आने का सही समय (Best Time To Visit In RudraPrayag)
चूंकि रूद्रप्रयाग एक पहाड़ी क्षेत्र है जहाँ वर्षा ऋतु के अलावा किसी भी समय आया जा सकता है। इसीलिए रूद्रप्रयाग आने का सही समय मार्च से लेकर जून तक और अक्टूबर से लेकर दिसंबर तक है। अगर आप रूद्रप्रयाग में एक – दो दिन रुकना चाहते हैं तो आने से पहले कोई Hotel Book अवश्य कर लीजिए।
ध्यान में रखने योग्य बातें।
अगर आप यहां पर्वतारोहण , ट्रैकिंग , कैंपिंग , राफ़्टिंग व पैराग्लाइडिंग करना चाहते हैं तो इसके बारे में पहले जानकारी अवश्य लें । किसी स्थानीय अनुभवी गाइड से अवश्य सलाह लें। रूद्रप्रयाग में पैदल चलने हेतु अच्छी क्वालिटी का जूता अवश्य पहनें। अगर आप रूद्रप्रयाग में एक – दो दिन रुकना चाहते हैं तो आने से पहले कोई Hotel Book अवश्य कर लीजिए।
कैसे पहुँचें रूद्रप्रयाग ( How To Reach RudraPrayag)
कितने दिन के लिए आए (Suggested Duration)
संगम नगरी रूद्रप्रयाग अपने आप में बहुत ही सुन्दर , सुरम्य व शांत शहर है जहाँ देखने लायक बहुत सी जगहें हैं । रूद्रप्रयाग शहर के आस -पास भी कई धूमने लायक सुंदर जगहें है जैसे आदि माँ धारीदेवी मंदिर , केदारनाथ , आदि-बद्री , बासुकीताल , तुंगनाथ मंदिर , अगस्तमुनि मंदिर , खूबसूरत चोपता , खिरसू , सोनप्रयाग , गुप्तकाशी , गौरीकुंड , जहाँ आप जा सकते हैं। इसीलिए यहाँ आप अपने हिसाब से अपना समय बिता सकते हैं। अगर आप रूद्रप्रयाग में एक – दो दिन रुकना चाहते हैं तो आने से पहले कोई Hotel Book कर लीजिए।
क्यों आयें रूद्रप्रयाग ?
मौसम (Weather)
चारों तरफ हरे -भरे पहाड़ , घने जंगल , धुमावदार घाटियाँ , ऊँचे – नीचे उबड़ -खाबड़ रास्ते , सीढ़ीनुमा खेत – खलिहान व दो प्रमुख नदियाँ के होने के कारण रूद्रप्रयाग का मौसम गर्मियों में भी सुहाना रहता है। आप यहां मार्च से लेकर जून तक और सितंबर से लेकर दिसंबर तक कभी भी आ सकते हैं। रूद्रप्रयाग जिले के कुछ हिस्सों में सर्दियों में काफी बर्फबारी होती है। अगर आप बर्फबारी का मजा लेना चाहते हैं तो सर्दियों में आइये। अगर आप रूद्रप्रयाग में एक – दो दिन रुकना चाहते हैं तो आने से पहले कोई Hotel Book कर लीजिए। फोटोग्राफी के लिए एक अच्छा सा कैमरा अपने साथ अवश्य रखें । ट्रैकिंग के शौक़ीन अपने साथ एक अच्छी क्वालिटी का जूता या स्पोर्ट शू अवश्य रखें।

