travelinuttarakhand.in

Baleshwar Temple Champawat Uttarakhand : खजुराहो शैली में बना यह मंदिर वास्तुकला का एक अद्भुत नमूना है।

Baleshwar Temple Champawat Uttarakhand खजुराहो शैली में बना यह मंदिर वास्तुकला का एक अद्भुत नमूना है। Baleshwar Temple Champawat Uttarakhand : उत्तराखंड के चम्पावत जिले के चम्पावत शहर में स्थित है श्री बालेश्वर मंदिर जो मंदिरों का एक समूह है। इस मंदिर समूह में कई छोटे -बड़े मंदिर हैं। भगवान बालेश्वर (शिव) को समर्पित यह […]

Baleshwar Temple Champawat Uttarakhand : खजुराहो शैली में बना यह मंदिर वास्तुकला का एक अद्भुत नमूना है। Read More »

Aaditya Temple Ramak Champawat Uttarakhand : जहाँ भगवान शिव और सूर्य एक साथ शिवादित्य रूप में विराजमान हैं।

Aaditya Temple Ramak Champawat Uttarakhand जहाँ भगवान शिव और सूर्य एक साथ शिवादित्य रूप में विराजमान हैं। Aaditya Temple Ramak Champawat Uttarakhand : उत्तराखंड के चम्पावत जिले के चम्पावत शहर से लगभग 77 किलोमीटर दूर रमक गांव में स्थित है आदित्य मंदिर या शिवादित्यमंदिर। इस मंदिर की खासियत यह है कि यहाँ भगवान शिव और

Aaditya Temple Ramak Champawat Uttarakhand : जहाँ भगवान शिव और सूर्य एक साथ शिवादित्य रूप में विराजमान हैं। Read More »

Purnagiri Temple Tanakpur Champawat Uttarakhand : 51 शक्तिपीठों में से एक पावन शक्तिपीठ है माँ पूर्णागिरि मंदिर।

Purnagiri Temple Tanakpur Champawat Uttarakhand 51 शक्तिपीठों में से एक पावन शक्तिपीठ है माँ पूर्णागिरि मंदिर। Purnagiri Temple Tanakpur Champawat Uttarakhand : उत्तराखंड के चंपावत जिले के टनकपुर शहर से लगभग 20 किलोमीटर दूर अन्नपूर्णा पर्वत शिखर पर स्थित है माँ पूर्णागिरि का पवित्र शक्तिपीठ | समुद्रतल से लगभग 3000 फीट की ऊंचाई पर स्थित पूर्णागिरी

Purnagiri Temple Tanakpur Champawat Uttarakhand : 51 शक्तिपीठों में से एक पावन शक्तिपीठ है माँ पूर्णागिरि मंदिर। Read More »

Jauljibi Pithoragarh Uttarakhand : धार्मिक , व्यापारिक व सांस्कृतिक “जौलजीबी मेला” है पर्यटकों के मुख्य आकर्षण का केंद्र ।

Jauljibi Pithoragarh Uttarakhand धार्मिक , व्यापारिक व सांस्कृतिक “जौलजीबी मेला” है पर्यटकों के मुख्य आकर्षण का केंद्र । Jauljibi Pithoragarh Uttarakhand : उत्तराखंड के पिथौरागढ़ शहर से करीब 64 किलोमीटर दूर स्थित है जौलजीबी। एक छोटा सा बाजार और एक बेहद खूबसूरत सा शांत कस्बा। काली और गोरी नदियों के संगम पर बसा यह कस्बा

Jauljibi Pithoragarh Uttarakhand : धार्मिक , व्यापारिक व सांस्कृतिक “जौलजीबी मेला” है पर्यटकों के मुख्य आकर्षण का केंद्र । Read More »

Didihat Pithoragarh Uttarakhand : मन को असीम शांति व सुकून देने वाला एक प्यारा सा हिल स्टेशन।

Didihat Pithoragarh Uttarakhand मन को असीम शांति व सुकून देने वाला एक प्यारा हिल सा स्टेशन । Didihat Pithoragarh Uttarakhand : उत्तराखंड के पिथौरागढ़ शहर से करीब 70 किलोमीटर दूर स्थित है डीडीहाट। एक छोटी पहाड़ी में स्थित डीडीहाट बहुत ही शांत मगर बेहद खूबसूरत पहाड़ी नगर है। कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्रा के मार्ग पर पड़ने

Didihat Pithoragarh Uttarakhand : मन को असीम शांति व सुकून देने वाला एक प्यारा सा हिल स्टेशन। Read More »

Narayan Ashram Pithoragarh Uttarakhand : मन को असीम शांति व सुकून का अनुभव कराता एक उच्चकोटि का आध्यात्मिक केंद्र।

Narayan Ashram Pithoragarh Uttarakhand मन को असीम शांति व सुकून का अनुभव कराता एक उच्चकोटि का आध्यात्मिक केंद्र । Narayan Ashram Pithoragarh Uttarakhand : उत्तराखंड के पिथौरागढ़ शहर से करीब 136 किलोमीटर दूर स्थित है आध्यात्मिक केंद्र नारायण आश्रम। नारायण आश्रम की स्थापना वर्ष 1936 में दक्षिण के आध्यात्मिक नेता और तपस्वी श्रद्धेय श्री नारायण

Narayan Ashram Pithoragarh Uttarakhand : मन को असीम शांति व सुकून का अनुभव कराता एक उच्चकोटि का आध्यात्मिक केंद्र। Read More »

Askot Pithoragarh Uttarakhand : समृद्ध कुमाऊँनी सांस्कृतिक विरासत व गौरवमयी इतिहास को समेटे एक खूबसूरत कस्बा।

Askot Pithoragarh Uttarakhand समृद्ध कुमाऊँनी सांस्कृतिक विरासत व गौरवमयी इतिहास को समेटे एक खूबसूरत कस्बा। Askot Pithoragarh Uttarakhand : उत्तराखंड के पिथौरागढ़ शहर से करीब 52 किलोमीटर दूर स्थित अस्कोट कस्बा अपनी प्राकृतिक खूबसूरती व अस्कोट कस्तूरी मृग अभयारण्य के लिए प्रसिद्ध है। डीडीहाट तहसील में आने वाला यह सुंदर सा कस्बा कनालीछीना विकासखंड का हिस्सा है।

Askot Pithoragarh Uttarakhand : समृद्ध कुमाऊँनी सांस्कृतिक विरासत व गौरवमयी इतिहास को समेटे एक खूबसूरत कस्बा। Read More »

Askot Musk Deer Sanctuary Pithoragarh Uttarakhand : कस्तूरी मृगों के संरक्षण के उद्देश्य से बना है अस्कोट कस्तूरी मृग अभयारण्य।

Askot Musk Deer Sanctuary Pithoragarh Uttarakhand कस्तूरी मृगों के संरक्षण के उद्देश्य से बना है अस्कोट कस्तूरी मृग अभयारण्य। Askot Musk Deer Sanctuary Pithoragarh Uttarakhand : उत्तराखंड के पिथौरागढ़ शहर से करीब 54 किलोमीटर दूर स्थित है अस्कोट कस्तूरी मृग अभयारण्य। समुद्र तल से करीब 5412 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस अभयारण्य की स्थापना वर्ष 1986 में कस्तूरी

Askot Musk Deer Sanctuary Pithoragarh Uttarakhand : कस्तूरी मृगों के संरक्षण के उद्देश्य से बना है अस्कोट कस्तूरी मृग अभयारण्य। Read More »

Kapileshwar Mahadev Temple Pithoragarh Uttarakhand : जहाँ एक संकरी गुफा में विराजमान है अद्भुत प्राकृतिक शिवलिंग।

Kapileshwar Mahadev Temple Pithoragarh Uttarakhand जहाँ एक संकरी गुफा में विराजमान है अद्भुत प्राकृतिक शिवलिंग। Kapileshwar Mahadev Temple Pithoragarh Uttarakhand : उत्तराखंड के पिथौरागढ़ शहर से करीब 3 किलोमीटर दूर स्थित है पवित्र कपिलेश्वर महादेव गुफा मंदिर । इस मंदिर में एक प्राकृतिक शिवलिंग एक संकरी गुफा के अंदर मौजूद है। मंदिर के मुख्य द्वार

Kapileshwar Mahadev Temple Pithoragarh Uttarakhand : जहाँ एक संकरी गुफा में विराजमान है अद्भुत प्राकृतिक शिवलिंग। Read More »

Thal Kedar Temple Pithoragarh Uttarakhand : स्थाकिल पर्वत की चोटी पर हजारों सालों से साक्षात विराजमान हैं भगवान भोलेनाथ।

Thal Kedar Temple Pithoragarh Uttarakhand थल केदार मंदिर : स्थाकिल पर्वत की चोटी पर हजारों सालों से साक्षात विराजमान हैं भगवान भोलेनाथ। Thal Kedar Temple Pithoragarh Uttarakhand : उत्तराखंड के पिथौरागढ़ शहर से करीब 16 किलोमीटर दूर एक ऊँची पहाड़ी की चोटी पर स्थित है पवित्र थल केदार मंदिर । भगवान भोलेनाथ को समर्पित यह

Thal Kedar Temple Pithoragarh Uttarakhand : स्थाकिल पर्वत की चोटी पर हजारों सालों से साक्षात विराजमान हैं भगवान भोलेनाथ। Read More »

Scroll to Top