Nal Damyanti Tal Bhimtal Uttarakhand
नल दमयंती ताल : नल – दमयंती की अनोखी प्रेम कहानी को बयाँ करता एक छोटा सा ताल।

Nal Damyanti Tal Bhimtal Uttarakhand : उत्तराखंड राज्य के नैनीताल जिले के भीमताल शहर से महज 2 किलोमीटर और नैनीताल से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित है नल दयमंती ताल या झील । लगभग 1325 मीटर की ऊंचाई पर स्थित और भवाली रेंज (Bhowali Range) के अंतर्गत आने वाली यह छोटी सी झील एक प्राकृतिक झील है जो आकार में पंचकोणीय (Pentagonal) है। हरे-भरे जंगलों के बीच स्थित इस झील का नाम हिंदू पौराणिक कथाओं में वर्णित राजा नल और उनकी पत्नी दमयंती के नाम पर रखा है। यह झील आज भी नल और दमयंती के अमर प्रेम की गवाह है। यह सातताल समूह (Sattal Or Group Of Seven Lakes) में से ही एक ताल है। इस ताल का जिक्र स्कंद पुराण में भी मिलता है। साफ नीले पानी की यह झील चारों तरफ से हरे – भरे पहाड़ों से घिरी है जिस कारण झील के चारों तरफ हमेशा ही सुंदर हरी – भरी वादियां और मन मोह लेने वाले दृश्य दिखाई देते हैं। झील से लगे गाँवों में आज भी आपको पारंपरिक कुमाऊँनी शैली में बने हुए घर दिखाई देंगे। यह जगह बिल्कुल एकांत , शांत व प्राकृतिक रूप से बेहद समृद्ध है।
नल दयमंती ताल क्षेत्र के रक्षक हैं साक्षात भोलेनाथ।
नल दयमंती झील के किनारे एक प्राचीन शिव मंदिर है। माना जाता हैं कि इस शिव मंदिर की स्थापना भी नल दयमंती ने ही की थी। इस मंदिर में वैसे तो भक्त हर समय भोलेनाथ के दर्शन करने आते रहते हैं मगर सावन माह में यहाँ काफी भीड़ -भाड़ रहती है। लोग दूर -दूर से असीम श्रद्धा और विश्वास के साथ महादेव के दर्शन करने आते हैं। लोगों का विशवास हैं कि महादेव की कृपा से ही इस क्षेत्र में सुख – समृद्धि , शांति व भरपूर प्राकृतिक सम्पदा है। यह जगह अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत -सुरम्य वातावरण के लिए प्रसिद्द है। नैनीताल और भीमताल की अपेक्षा यहाँ भीड़ – भाड़ बहुत कम है। शांति व सुकून से छुटियों बिताने के लिए यह सबसे सुंदर जगह है।
क्या करें ?
नल दयमंती झील के किनारे बैठकर आप शांत व सुंदर झील और प्राकृतिक नजारों का आनंद ले सकते हैं । आसपास का क्षेत्र ट्रैकिंग और पिकनिक के लिए भी उपयुक्त है। आप चाहे तो ट्रैकिंग कर सकते हैं। प्राचीन शिव मंदिर में पूजा अर्चना कर सकते हैं। पैदल चल सकते हैं। प्रदूषण मुक्त ठंडी हवा का आनंद ले सकते हैं । पक्षियों की मधुर आवाज सुन सकते हैं। झील में पैडल बोट का आनंद ले सकते हैं। शांत वातावरण में योग अभ्यास भी कर सकते हैं। अगर आप भीमताल या उसके आसपास एक – दो दिन रुकना चाहते हैं तो आने से पहले कोई Hotel Book कर लीजिए।
ध्यान रखने योग्य बातें।
झील से संबंधित सुरक्षा निर्देशों और चेतावनी संकेतों का पालन करें। शिव मंदिर में जाने वक्त मंदिर की मर्यादा का ध्यान रखें। जूते -चप्पल निर्धारित जगह पर रखें। आप यहां मार्च से लेकर जून तक और सितंबर से लेकर दिसंबर तक कभी भी आ सकते हैं। यहाँ हल्की वर्षा होने पर और दिसंबर -जनवरी में ठंड रहती हैं। इसीलिए अगर आप इस वक्त यहां आ रहे हैं तो गर्म कपड़े साथ में लाना न भूलें। अगर आप भीमताल या उसके आसपास एक – दो दिन रुकना चाहते हैं तो आने से पहले कोई Hotel Book कर लीजिए। फोटोग्राफी के लिए एक अच्छा सा कैमरा अपने साथ अवश्य रखें। ट्रैकिंग के शौक़ीन अपने साथ एक अच्छी क्वालिटी का जूता या स्पोर्ट शू अवश्य रखें।
कैसे पहुंचें नल – दमयंती ताल। (How To Reach Nal Damyanti Tal)
अवधि (Duration)।
नल दयमंती झील के खूबसूरत नजारों को देखते हुए तथा अन्य गतिविधियों को करते हुए आप अपना सुकून भरा कीमती समय अपने हिसाब से बिता सकते हैं । अगर आप भीमताल या उसके आसपास एक – दो दिन रुकना चाहते हैं तो आने से पहले कोई Hotel Book कर लीजिए।
