Garg Parvat Bhimtal Uttarakhand
गर्ग पर्वत : गार्गी नदी का उद्गम स्थल है यह प्राचीन गर्ग पर्वत

Garg Parvat Bhimtal Uttarakhand : उत्तराखंड राज्य के नैनीताल जिले के भीमताल शहर में , भीमताल झील के अंतिम छोर पर भीमेश्वर महादेव का एक प्राचीन मंदिर है। इसी मंदिर से लगी हुई एक प्राचीन पहाड़ी है जिसे गर्ग पर्वत के नाम से जाना जाता है । भीमताल से इस पर्वत की दूरी लगभग 1.5 किलोमीटर है। यही गर्ग पर्वत “गार्गी नदी” का उद्गम स्थल है जिसे स्थानीय लोग “गोला नदी” भी कहते हैं। यह पर्वत हरे-भरे चीड़ , ओक और देवदार के पेड़ों से घिरा है और अनेक अमूल्य औषधियों व जड़ी -बूटियों से भरा पड़ा है। इस पर्वत का अपना आध्यात्मिक महत्व भी है। ट्रेकिंग के शौकीन लोगों की यह पसंदीदा जगह है।
क्या करें ?
अगर आप जंगल ट्रेकिंग के शौकीन हैं तो इस पर्वत की चोटी पर पहुंचने का रोमांचकारी अनुभव ले सकते हैं और साथ ही साथ पर्वत की चोटी से भीमताल शहर व झील का खूबसूरत नजारा देख सकते हैं। गर्मियों में भीमताल का तापमान लगभग 30 से 32 डिग्री तक रहता हैं और इस पर्वत में तो और भी कम तापमान रहता हैं। इसीलिए पर्वत भ्रमण का यही सबसे अच्छा समय हैं। अगर आप भीमताल या उसके आसपास एक – दो दिन रुकना चाहते हैं तो आने से पहले कोई Hotel Book कर लीजिए।
ध्यान रखने योग्य बातें ।
आप यहां मार्च से लेकर जून तक जा सकते हैं। मगर बरसात व जाड़ों में इस पर्वत पर जाना थोड़ा कठिन होता हैं क्योंकि बरसात में फिसलने व भूस्खलन का डर रहता हैं जबकि जाड़ों में वर्फवारी की वजह से यहाँ जाना कठिन हैं। अगर आप भीमताल या उसके आसपास एक – दो दिन रुकना चाहते हैं तो आने से पहले कोई Hotel Book कर लीजिए। फोटोग्राफी के लिए एक अच्छा सा कैमरा अपने साथ अवश्य रखें। ट्रैकिंग के शौक़ीन अपने साथ एक अच्छी क्वालिटी का जूता या स्पोर्ट शू अवश्य रखें।
कैसे पहुंचें भीमताल (How To Reach Bhimtal)
अवधि (Duration)
पर्वत के खूबसूरत नजारों को देखते हुए तथा अन्य गतिविधियाँ करते हुए आप अपना सुकून भरा कीमती समय अपने हिसाब से बिता सकते हैं । अगर आप भीमताल या उसके आसपास एक – दो दिन रुकना चाहते हैं तो आने से पहले कोई Hotel Book कर लीजिए।
